बिजली मीटर और राशन कार्डों के बाद अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के मजदूरों को भी भी ‘मैं भी जिंदा हूं’ का प्रमाण पत्र देना होगा। इसके लिए हिमाचल प्रदेश में मनरेगा कार्यों में पंजीकृत करीब 28,69,589 मजदूरों की ई-केवाईसी करवाई जाएगी। इसमें मजदूर की न केवल फोटो, बल्कि दो से तीन बार पलक झपकाने की प्रक्रिया भी अपलोड होगी। जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश में मनरेगा मजदूरों की ई-केवाईसी की जाएगी। इसके लिए 31 अक्तूबर तक का समय रखा गया है। 31 अक्तूबर तक मनरेगा मजदूरों की ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करना होगा। हिमाचल प्रदेश में 15,55,708 के करीब परिवारों के जॉबकार्ड बने हैं, जिनमें करीब 28,69,589 सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें उन्हीं मनरेगा मजदूरों की ई-केवाईसी होगी, जोकि मनरेगा कार्यों में अपनी भागीदारी निभाते हैं और एक्टिव हैं।