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Him MSME Fest: हिमाचली उत्पादों को मिला बड़ा बाजार, 30 लाख का हुआ कारोबार

Tue, 06 Jan 2026 11:41 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

कुल्लू की शॉल, टोकरियां और पट्टू, हींग और हिमाचल के सेब को उद्योगपतियों ने खूब सराहा है।
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हिमाचली उत्पादों को मिला बड़ा बाजार। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शिमला में तीन दिन तक चले हिम एमएसएमई फेस्ट में सोमवार दोपहर तक 30 लाख रुपये का तक कारोबार हुआ। कुल्लू की शॉल, टोकरियां और पट्टू, हींग और हिमाचल के सेब को उद्योगपतियों ने खूब सराहा है। कई कंपनियों ने आर्डर भी बुक किए हैं। स्थानीय उत्पादों को एक सशक्त मंच मिला। इस आयोजन में 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जिनमें पहली बार फैक्ट्री आउटलेट स्टॉल्स को विशेष रूप से शामिल किया गया। इन स्टॉल्स पर उपभोक्ताओं को नामी और भरोसेमंद ब्रांड्स के उत्पाद सीधे फैक्ट्री दरों पर, बाजार मूल्य से कम कीमत पर उपलब्ध कराए गए। महोत्सव में हैंडलूम, लेदर उत्पाद, खाद्य सामग्री, वुड प्रोडक्ट्स सहित विभिन्न श्रेणियों के स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल्स पर देश-विदेश से आए पर्यटकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे हिमाचल के उत्पादों को पहचान और नया बाजार मिला। इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और उत्पादकों को सीधा उपभोक्ता संपर्क उपलब्ध कराया। हिमाचल प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की इस पहल की उपभोक्ताओं, पर्यटकों और उद्यमियों ने खुलकर सराहना की। एमएसएमई समारोह के अंतिम दिन समाप्त समारोह में अतिरिक्त निदेशक तिलकराज शर्मा और संयुक्त निदेशक अनिल ठाकुर रिज मैदान पहुंचे। उद्योग विभाग के निदेशक डॉ. यूनुस सभी उद्यमियों, सहभागियों और अधिकारियों को हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 की सफलता पर बधाई दी।

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हिमाचल सरकार-ब्रिक्स चंडीगढ़ के बीच एमओयू
 हिमाचल प्रदेश को वैश्विक व्यापार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रविवार को हिम एमएसएमई फेस्ट के दूसरे दिन शिमला में हिमाचल प्रदेश सरकार और ब्रिक्स चंडीगढ़ के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। ब्रिक्स चंडीगढ़ के अध्यक्ष दीपक शुक्ला भी उपस्थित रहे। इसका उद्देश्य हिमाचल प्रदेश और ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के बीच आयात-निर्यात व्यापार को प्रोत्साहन देना और प्रदेश के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना है। 
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