नई सप्लाई में दाल चना 11, माश 13 रुपये हुई महंगी, मलका दाल के दाम स्थिर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन एपीएल परिवारों को दोहरा झटका लग गया है। शहर के ग्रामीण डिपो के राशन गोदामों में दालों व तेल की जो नई सप्लाई आई है, उसमें दाल व तेल के रेटों में इजाफा हुआ है। लिहाजा आने वाले दिनों में राशन खरीदारी के लिए लोगों को जेब ढीली करनी पड़ेगी।
शहर में करीब 50 और ग्रामीण में 100 से अधिक राशन डिपो हैं। काफी समय से दालें व तेल डिपुओं में उपलब्ध नहीं था। ऐसे में अब सप्लाई गोदामों में पहुंचने के बाद लोगों को राहत मिली है। हालांकि नई सप्लाई में आई दालों के रेट में काफी इजाफा हुआ है। ग्रामीण राशन गोदाम में पहुंची दालों के दाम में माश 13 रुपये और दाल चना में प्रतिकिलो 11 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में डिपुओं से इनकी खरीदारी के दौरान एपीएल परिवारों को दाल चना 77 रुपये, एनएफएसए को 72 रुपये व एपीएल टैक्स को 97 रुपये में दी जाएगी। माश की दाल एपीएल परिवारों को 81, एनएफएसए में 76 और एपीएल टैक्स को 101 रुपये में उपलब्ध करवाई जाएगी। मलका दाल एनएफएसए को 66, एपीएल परिवारों को 71 और टैक्स को 91 रुपये में दी जाएगी। हालांकि दूसरी ओर शहर के गोदामों में यह सप्लाई नहीं पहुंच पाई है जिससे कि शहर के करीब 25 हजार उपभोक्ताओं को बाजारों से ही इनकी खरीदारी करनी पड़ रही है।
इनसेट
शहर के डिपुओं में आटा भी खत्म
शहर के उपभोक्ताओं की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार को अधिकांश राशन डिपुओं में आटा पूरी तरह खत्म हो गया। इस वजह से खरीदारी करने आए लोगों को चीनी, चावल और नमक लेकर ही लौटना पड़ा। राशन डिपो आई महिमा और दीपेश ने बताया कि सरकार पहले ही पूरा राशन उपलब्ध नहीं करवाती है और अब रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाला आटा भी खत्म हो गया है। ऐसे में अब बाजारों से 10 किलो पैकिंग वाले आटे की खरीद पर 400 रुपये खर्च करने पड़ गए। बता दें कि शहर के गोदामों में दालें व तेल पहले से ही खत्म है। ऐसे में लोगों को बार-बार चक्कर काटकर परेशानी झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
गोदामों में पहुंची सप्लाई
दाल व तेल की सप्लाई गोदामों में पहुंचनी शुरू हो गई है। ऐसे में सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में राशन मिलना शुरू हो जाएगा।
- नरेंद्र धीमान, जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले