राष्ट्रीय राजमार्ग-88 पर मझासू और घुमारवी में पुलों के निर्माण के लिए चिन्हित भूमि कुछ परिवारों की मलकीयत जमीन निकल आई है। मलकीयत भूमि पर परिवारों ने अपना दावा किया है। इसके चलते इन दोनों पुलों का निर्माण कार्य लटक गया है। इसके साथ ही हमीरपुर के कोहली में भी एनएच विभाग ने नए पुल का निर्माण करवा दिया है, लेकिन पुल के सामने भी जहां विभाग अप्रोच वॉल लगा रहा है, वह भूमि भी किसी व्यक्ति की निजी निकली है।
एनएच विभाग की दिक्कतें भूमि विवाद के कारण बढ़ गई हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वर्ष 2017 में मट्टनसिद्ध बाईपास पर हमीरपुर से बिलासपुर के कंदरौर तक बनने वाले डबल लेन मार्ग का शिलान्यास किया था। 197.40 करोड़ की लागत से इस 45 किलोमीटर एनएच का कार्य विभाग ने टेंडर के माध्यम से एक कंपनी को आवंटित किया था। इस मार्ग का डबल लेन करने के साथ ही 11 पुलों का निर्माण कार्य भी टेंडर में शामिल है। नए पुलों में कुनाह, कोहली, गसोती, कैडहरू, मैड़, उखली, बन्ने दी खड्ड, बैकुंडा, दधोल, घुमारवी आदि शामिल हैं।
टेंडर शर्तों के अनुसार संबंधित कंपनी को दिसंबर 2019 में इस कार्य को पूरा करना था, लेकिन तय अवधि में यह कार्य पूरा न होने के चलते सरकार ने एक वर्ष का अतिरिक्त समय कंपनी को दिया है। लेकिन अब पुलों के निर्माण के दौरान मलकीयत भूमि निकलने से यह कार्य और अधिक लेट हो सकता है।
उधर, एनएच विभाग हमीरपुर के एक्सईएन प्रमोद कश्यप ने कहा कि हमीरपुर-कंदरौर राष्ट्रीय मार्ग पर 11 पुलों का निर्माण होना था, जिसमें से 9 पुलों का कार्य पूरा हो चुका है। लेकिन मझासू और घुमारवी में पुलों की जगह निजी भूमि निकलने के कारण दिक्कतें पेश आ रही हैं।