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Shimla News: राजधानी में ऐतिहासिक भवनों पर नगर निगम से जवाब तलब, एडवांस स्टडी की हालत पर केंद्र सरकार को बनाया पार्टी

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हाईकोर्ट ने मालरोड पर स्थित शोरूम के होर्डिंग और शीशों को लेकर भी की तल्ख टिप्पणी
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राजधानी शिमला में ऐतिहासिक भवनों और टाउनहॉल की बदलाव शैली पर नगर निगम सहित सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने शिमला के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध एडवांस स्टडी भवन की खस्ता हालत पर भी संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार के विभाग सीपीडब्ल्यूडी सहित आर्कियोलॉजिक विभाग को भी पक्षकार बनाया है।
न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने राजधानी के मालरोड स्थित टाउनहॉल और यहां स्थित शोरूम और दुकानों पर लगाए गए शीशे के दरवाजे, लोहे के शटर पर भी तल्ख टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि इस बदलाव की वजह से शिमला शहर जो अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है, वह अपनी पहचान खो रहा है। ऐतिहासिक विरासत को बनाए रखने के लिए शिमला नगर निगम क्या प्रयास कर रहा है, इस पर अगली सुनवाई तक हल्फनामा दायर करने के निर्देश दिए हैं।
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हेरिटेज कमेटी के निर्देशों के बावजूद नहीं हटी मशीनें

ऐतिहासिक टाउनहॉल भवन के बाहर लगाई गई मशीनों को लेकर कुछ लोगों ने सवाल उठाए थे। इससे जुड़ा मामला भी कोर्ट में चल रहा है। आरटीआई कार्यकर्ता पवन कुमार बंटा ने इससे जुड़ी जनहित याचिका भी हाईकोर्ट में दायर कर रखी है। इनका कहना है कि ऐतिहासिक इमारत के बाहर इस तरह से मशीनें नहीं लगाई जा सकतीं। ये मशीनें टाउनहॉल में चल रहे कैफे के लिए लगाई गई हैं। इससे इसकी विरासत को खतरा है। कुछ माह पहले स्टेट हेरिटेज कमेटी ने भी यहां का निरीक्षण कर नगर निगम को इसे हटाने के निर्देश दिए थे। उधरए नगर निगम में जिस विभाग को यह काम करना था, वहां से इसकी फाइल कई महीनों से आगे सरकी ही नहीं। अब इस पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
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निगम की योजना फेल, मालरोड पर मनमर्जी से लग रहे दुकानों के बोर्ड
शहर के मालरोड पर सभी दुकानों को एकरूपता देने के लिए नगर निगम ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत एक योजना बनाई थी। इसमें सभी दुकानों के बाहर लगने वाले बोर्ड को एक ही शैली में बनाने की योजना थी। हालांकि निगम की यह योजना आज तक सिरे नहीं चढ़ी। इसका नतीजा यह है कि मालरोड पर अब शोरूम मालिक और हर दुकानदार मनमर्जी के बोर्ड और होर्डिंग लगा रहे हैं। इससे ऐतिहासिक मालरोड क्षेत्र की सुंदरता को भी नुकसान हो रहा है।
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