अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा और वार्डों में हो रही चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए बनाई कार्ययोजना
न्यू ओपीडी ब्लॉक को रैंप और लिफ्ट निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नई व्यवस्था की जाएगी लागू
वर्तमान में सी, डी और ई वार्ड वाले ब्लॉक से ही है न्यू ओपीडी को रास्ता
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आईजीएमसी के भर्ती मरीजों के लिए बने ब्लॉक में आम लोगों की आवाजाही के लिए किसी तरह की रोक न होने से आए दिन बाहरी संदिग्ध लोगों के पाए जाने और चोरी की घटनाएं होती हैं। इसकी वजह इन ब्लॉक से न्यू ओपीडी ब्लॉक के लिए रास्ते होना मुख्य वजह मानी जा रही है। अस्पताल प्रशासन जल्द इस समस्या का समाधान करने जा रहा है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने ठोस कार्ययोजना का प्रारूप तैयार कर लिया है। इसमें अस्पताल के अलग-अलग विभागों के वार्ड वाले ए, बी, सी, डी और ई ब्लॉक में चल रहे वार्ड और कार्यालयों में आम लोगों की आवाजाही बंद की जाएगी। इन ब्लॉक की सिंगल एंट्री, एग्जिट बनाकर सिर्फ मरीज के तीमारदार को जारी होने वाले कार्ड दिखाने पर ही प्रवेश दिया जाएगा। यह नई कार्य योजना सुरक्षा की व्यवस्था प्राचार्य कार्यालय के पास से ही बाहर से बन रहे लिफ्ट और रैंप के शुरू होने के साथ लागू करने की तैयारी है। न्यू ओपीडी ब्लॉक और इसमें चल रही ओपीडी और टेस्ट संबंधित कार्य के लिए लोगों और तीमारदारों को इसी नए रास्ते का उपयोग करना अनिवार्य किया जाएगा। नई व्यवस्था को लागू करने को अस्पताल प्रशासन रैंप व लिफ्ट के शुरू होने का इंतजार कर रहा है।
पहचान पत्र दिखाने पर ही मिलेगा प्रवेश
आईजीएमसी के सी, डी और ई ब्लॉक मेें ही अधिकतर विभागों के वार्ड हैं, इसमें सैकड़ों मरीज भर्ती होते हैं। इनमें ही तीमारदारों और आम लोगों का मिलने को आना-जाना लगा रहता है। वर्तमान में इन ब्लॉक के लिए मल्टीपल एंट्री और एग्जिट है। जिस कारण कोई भी कभी भी दूसरे ब्लॉक के कार्यों के लिए आता जाता रहता है। नए ब्लॉक का अलग रास्ता बन जाने पर इन वार्ड वाले हर ब्लॉक में सिंगल एंट्री और एग्जिट रास्ते तय कर गेट पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती होगी, उन्हें तीमारदार का कार्ड दिखाने और कार्य के बारे में बताने व पहचान साबित होने के बाद ही प्रवेश किए जाने की नई व्यवस्था लागू की जानी है।
कोट़स
अस्पताल में हुई मारपीट की घटना और आए दिन संदिग्ध लोगों के परिसर में आने की घटनाओं को रोकने के लिए वार्ड वाले ए, बी, सी और डी ब्लॉक की सुरक्षा व्यवस्था को जल्द मजबूत किया जाएगा। तैयार की गई नई कार्ययोजना में इन ब्लॉक के लिए एक ही प्रवेश और निकासी द्वार होंगे। न्यू ओपीडी के लिए बन रहे रैंप, लिफ्ट के शुरू होते ही वार्ड वाले ब्लॉक में बिना पहचान पत्र के प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। सिर्फ परिजनों और कर्मचारियों को ही ब्लॉक में प्रवेश कारण बताने के बाद मिलेगा। इससे वार्डों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और इन ब्लॉक के वार्डों में साफ-सफाई की व्यवस्था में सुधार होगा, जिससे मरीजों में संक्रमण का खतरा भी कम हो जाएगा। सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप योजना बनाई गई है।
-डाॅ. राहुल रॉव, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, आईजीएमसी