छात्राओं से छेड़छाड़ मामले की प्रारंभिक जांच के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने आरोपी शिक्षक को सस्पेंड कर दिया है। निदेशालय ने मामले की विस्तृत जांच के लिए जिला उपनिदेशक शिमला को मौके पर जाने के आदेश जारी किए हैं। जिला शिमला के रोहड़ू उपमंडल के सरकारी स्कूल के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिक्षक पर उसी स्कूल की आठ छात्राओं ने छेड़छाड़ की शिकायत दी है।
स्कूल प्रधानाचार्य ने यौन उत्पीड़न कमेटी से इसकी जांच कराई और उसकी रिपोर्ट उच्च शिक्षा निदेशक को भेजी। अब निदेशालय ने कार्रवाई की है। उधर, पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी शिक्षक फरार चल रहा है। पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक हत्थे नहीं चढ़ा है। जिला उपनिदेशक ने भी जांच के लिए अलग से टीम गठित कर दी है। बुधवार को शिकायतकर्ता छात्राओं और अध्यापकों के भी पुलिस ने बयान लिए।
वहीं, शिक्षा निदेशालय शिक्षक के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कार वापस लेने के लिए भी कमेटी गठित करेगा। कमेटी के सुझावों और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद आरोपी शिक्षक से पुरस्कार वापस लिए जा सकते हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने स्कूल स्तर पर हुई मामले की प्रारंभिक जांच में शिक्षक पर लगे सभी आरोप सही पाए गए हैं। हालांकि इन सभी आरोपों की अभी विस्तार से जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर शिक्षक को सस्पेंड करने का फैसला लिया गया है। निदेशक ने बताया कि राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कार वापस लेने के लिए नियमानुसार फैसला लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस मामले में अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की शिकायत पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ थाना रोहडू में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।