मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि सक्षम गुड़िया बोर्ड हिमाचल प्रदेश को अपने दिशा-निर्देश बनाने चाहिए, जिससे राज्य में लड़कियों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए विभिन्न गतिविधियां शुरू की जा सकें। मुख्य सचिव बुधवार को शिमला में सक्षम गुड़िया बोर्ड हिमाचल प्रदेश की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बोर्ड को शुरुआती तीन महीनों के लिए योजना तैयार करनी चाहिए, जिसमें प्रदेश सरकार पूरा सहयोग प्रदान करेगी। सरकार की ओर से लड़कियों की सुरक्षा के लिए शुरू की गई इस पहल में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, गृह और वित्त विभाग हितधारक हैं।
इस बैठक में बोर्ड के गैर सरकारी सदस्यों के नामांकन, कार्यालय भवन को किराए पर लेने, कार्यालय के लिए विभिन्न पदों का सृजन करने और अनुमोदन, प्रवास के दौरान बोर्ड के उपाध्यक्ष को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने के अतिरिक्त दिशा-निर्देशों को बनाने पर भी चर्चा की गई।
बोर्ड की उपाध्यक्ष रूपा शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निशा सिंह, विशेष सचिव वित्त राजेश शमा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, गृह और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।