शिक्षा विभाग में यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर विभाग से कॉलेज प्रिंसिपलों और उपनिदेशकों से रिपोर्ट तलब की गई है। उच्च शिक्षा निदेशक ने जारी पत्र में पूछा है कि साल 2014-15 में यौन उत्पीड़न से जुड़ी कितनी शिकायतें दर्ज की गईं। इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई।
इसका पूरा विभाग को भेजने के आदेश दिए गए हैं। विभाग ने विभागीय महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता के लिए कई बिंदु भी सुझाए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक से जारी आदेशों के मुताबिक कॉलेज प्रिंसिपलों और उपनिदेशकों को बताना होगा कि यौन उत्पीड़न की एक साल में कितनी शिकायतें आईं।
कितनी शिकायतों का निपटारा किया गया। नब्बे दिन से अधिक कितनी शिकायतें लंबित हैं। इस मामले को लेकर जागरूक करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने महिला एवं बाल विकास से प्राप्त आदेशों पर कार्रवाई करते हुए कहा है कि कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
मामलों की जांच के लिए एक आंतरिक कमेटी बनाई जाए। कमेटी के सदस्यों के नाम और फोन नंबर सार्वजनिक किए जाए। कमेटी सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाए।