डॉ. वेदांती ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी चाहते थे कि भारत विश्वगुरु बने, लेकिन कांग्रेस ने 70 वर्षों तक देश को विश्वगुरु और रामराज्य नहीं बनने दिया। कांग्रेस ने देश को हमेशा तोड़ने का काम किया है। भाजपा ने मंदिर का मुद्दा उठाया है और भाजपा ही मंदिर बनाएगी।
कांग्रेस हमेशा अयोध्या में मस्जिद बनाने की बातें करती आई है। सपा-बसपा, चंद्रबाबू नायडू और ममता बनर्जी ने मंदिर का हमेशा विरोध किया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शिवसेना प्रमुख ने गत दिवस अयोध्या में राम लला के दर्शन किए और संतों का स्वागत किया है।
शिवसेना भी चाहती है मंदिर का निर्माण हो। भारत के 90 फीसदी मुसलमान मंदिर चाहते हैं। दिग्विजय, कपिल सिब्बल, रमेश, कमलनाथ, यहां तक कि राहुल गांधी संसद में पूछते हैं कि मंदिर कब बनेगा। डॉ. वेदांती ने कहा कि वह ऐसा समझौता चाहते हैं कि देश में खून खराबा न हो।