सरकार को सभी बिंदुओं पर जवाब दाखिल करना होगा
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि यदि चेक पोस्ट को लगभग 3 किलोमीटर आगे नए प्रस्तावित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाए, तो अंबोटा-होशियारपुर मार्ग से बचने वाले वाहनों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा। अदालत ने संबंधित एसडीएम से इस पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। हाई कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि सरकार के हलफनामे में यह साफ नहीं है कि अवैध वन उपज ले जाते हुए पकड़े गए वाहनों का क्या किया गया। अदालत ने सरकार से पूछा है कि क्या इन वाहनों को उनके पंजीकृत मालिकों को वापस सौंप दिया गया या कानून के अनुसार इनका निपटारा किया गया। एसपी द्वारा दायर स्टेटस रिपोर्ट में भी कई एफआईआर का जिक्र है, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए गाड़ियों की ताजा स्थिति बताने को कहा है। अदालत ने कहा कि वन विभाग ने अपने अनुपालन हलफनामे में पेड़ों और वाहनों की गिनती को लेकर लाचारी दिखाई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विभाग को यह बताना चाहिए कि आधुनिक तकनीक में सुधार करके वन संपदा का बेहतर प्रबंधन कैसे किया जा सकता है। कोर्ट ने इस संबंध में उठाए जा सकने वाले कदमों पर नया हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए हैं। हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 नवंबर 2026 की तारीख तय की है, तब तक सरकार को इन सभी बिंदुओं पर जवाब दाखिल करना होगा।