प्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को राज्य के उन सभी 69 राज मार्गों की नक्शों सहित अतिरिक्त स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए, जिन्हें केंद्र ने राष्ट्रीय राज मार्गों में तब्दील करने की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की हुई है।
कोर्ट ने उक्त मार्गों पर सलाहकारों सहित कंसल्टेंसी के काम पर खर्च की गई रकम का ब्योरा भी मांगा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा दायर स्टेटस रिपोर्ट का अवलोकन करने के पश्चात् मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किए।
कोर्ट ने उन सभी राष्ट्रीय राजमार्गों की वास्तविक स्थिति भी बताने के आदेश दिए हैं, जिन्हें चौड़ा करने अथवा फोर लेनिंग का कार्य किया जा रहा है। कोर्ट ने इन मार्गों के कार्य को पूरा करने की समय सारणी भी पेश करने के आदेश दिए।