हाईकोर्ट ने मात्र एक माह बाद किए गए एसडीएम रोहड़ू के स्थानांतरण की अधिसूचना पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने सरकार के मुख्य सचिव और निजी तौर पर प्रतिवादी बनाए एसडीएम राजगढ़ को नोटिस जारी किए हैं।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मात्र एक माह बाद किए गए एसडीएम रोहड़ू के स्थानांतरण की अधिसूचना पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने सरकार के मुख्य सचिव और निजी तौर पर प्रतिवादी बनाए एसडीएम राजगढ़ को नोटिस जारी किए हैं। मामले पर आगामी सुनवाई 11 जुलाई को होगी। न्यायाधीश अमजद ए सईद और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ में एसडीएम रोहड़ू सनी शर्मा की ओर से दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए। याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार याची के मात्र एक माह बाद रोहड़ू से राजगढ़ के लिए स्थानांतरण आदेश पारित कर दिए गए।
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याची ने याचिका में आरोप लगाया है कि उनका स्थानांतरण अधिसूचना हिमाचल प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक की अध्यक्ष और भाजपा नेत्री शशि बाला की सिफारिश पर किया गया है। आठ साल के सेवाकाल में कुल मिलाकर 9 बार स्थानांतरण आदेश पारित किए गए हैं। इसमें अधिकतर स्थानांतरण आदेश राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते किए गए हैं। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया याची की दलीलों से सहमति जताते हुए स्थानांतरण अधिसूचना पर रोक लगाते हुए सरकार से याचिका का जवाब तलब किया है।