आयुक्त कोर्ट इंजनघर में पांच मंजिला भवन की दो मंजिलें गिराने के दिए थे आदेश
नगर निगम कर्मचारियों ने उखाड़ दी थी छत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंजनघर क्षेत्र में पांच मंजिला भवन की दो मंजिलों को अवैध मानते हुए नगर निगम द्वारा गिराने की कार्रवाई पर फिलहाल हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई तक भवन पर किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या अन्य कार्रवाई न की जाए। इस बारे में बिजली विभाग को भी सूचित करने के निर्देश जारी किए हैं।
यह मामला संजौली के इंजनघर इलाके के रिहायशी भवन से जुड़ा है। नगर निगम ने निर्माण नियमों का उल्लंघन करने पर आयुक्त कोर्ट द्वारा इसे अवैध घोषित किया था। निगम अधिकारियों के अनुसार इमारत के लिए जो अनुमति दी गई थी, वह केवल तीन मंजिलों की थी, लेकिन भवन मालिक ने नियमों की अनदेखी करते हुए दो अतिरिक्त मंजिलें बना लीं। इस आधार पर नगर निगम ने नोटिस जारी कर अवैध मंजिलों को गिराने का आदेश दिया।
बीते सोमवार को टीम मौके पर पहुंची और छत को हथौड़ा मारकर तोड़ने का काम शुरू किया। इसके बाद भवन मालिक ने उसी कोर्ट में याचिका दाखिल कर दलील दी कि उनकी बातों को भी सुना जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए निगम की आगामी कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी और आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखी जाए।
पुलिस के साथ पहुंची थी टीम
अवैध निर्माण तोड़ने को लेकर नगर निगम की टीम पुलिस के साथ अवैध निर्माण वाले घर पर पहुंची थी। इसके बाद निगम ने मकान की छत पर हथौड़ा मारकर तोड़ने का काम शुरू किया। उस दौरान मकान मालिक भी मौजूद थे। हालांकि एक महिला ने काम रोकने की गुहार लगाई, लेकिन निगम के कर्मी आदेशों के अनुसार कार्रवाई जारी रखते रहे। चूंकि पहले ही मकान मालिक को कई नोटिस जारी किए गए थे और अवैध निर्माण नहीं हटाया गया था, इसलिए तोड़फोड़ की कार्रवाई करनी पड़ी।
हाईकोर्ट ने अवैध मंजिलें गिराने पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई तक मंजिलें गिराने का काम बंद रहेगा।
-भूपेंद्र अत्री, आयुक्त, नगर निगम शिमला