आरटीआई कार्यकर्ता और समाजसेवी केदार सिंह जिंदान हत्या मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने तीन अक्तूबर को ताजा जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। गत वर्ष सात सितंबर को जिंदान की हत्या की निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने याचिका दायर की है।
न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी व ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने यह आदेश दिए हैं। वहीं, राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि जिंदान की पत्नी को रोजगार व शिमला में रिहायश उपलब्ध करवाने पर अभी फैसला नहीं लिया है।
अभी सवा आठ लाख रुपये मुआवजा राशि दी है जबकि कल्याणकारी विभाग ने स्थायी पेंशन मंजूर कर दी है। बच्चों की शिक्षा के लिए 42 हजार रुपये दिए हैं।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्यों ने पिछले वर्ष 10 सितंबर को प्रस्ताव पारित कर इस हत्याकांड की जांच पर असंतोष जताते हुए याचिका दायर की है।
याचिका में पुलिस जांच पर शंका जताते हुए किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच की मांग की है। अंतरिम राहत के तौर पर पीड़ित परिवार व गवाहों को उचित सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग भी की गई थी।
याचिका में उन सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने समय रहते जिंदान को सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई। मामले पर अब 3 अक्तूबर को सुनवाई होगी।