4300 करोड़ के महाघोटाले में संलिप्त इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की नीलामी को लेकर शुक्त्रस्वार को प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय स्टेट सीआईडी और पुलिस के अधिकारियों ने मांगी गई जानकारी हाईकोर्ट को सौंपी। सुनवाई के दौरान अदालत ने आबकारी एवं कराधान विभाग को इंडियन टेक्नोमैक कंपनी के नीलामी के संदर्भ में जमीन संबंधी नंबरों को एक बार दोबारा वेरिफाई करने के आदेश दिए। साथ ही इस मामले में 18 जुलाई को कंपनी की नीलामी की तिथि घोषित करने का फैसला सुनाया।
उल्लेखनीय है कि आबकारी एवं कराधान विभाग ने हिमकॉन एजेंसी से साल 2018 में इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की वैल्यूएशन कराई है। एजेंसी ने तय मानकों के अनुसार कंपनी की वैल्यूएशन करीब 400 करोड़ रुपये आंकी है। जबकि इंडियन टेक्नोमैक कंपनी पर 4300 करोड़ के घोटाले का आरोप हैं। महाघोटाले की इस कंपनी ने आबकारी एवं कराधान विभाग के अलावा बिजली बोर्ड, आयकर विभाग और विभिन्न बैंकों की राशि हड़पी है। घोटाले की जांच सीआईडी और प्रवर्तन निदेशालय कर रहे हैं। दीगर रहे कि इस महाघोटाले का मास्टर माइंड कंपनी का एमडी राकेश शर्मा अभी भी फरार है।
स्पेशल कोर्ट नाहन से आरोपी एमडी को भगोड़ा घोषित किया जाना बाकी है। स्पेशल कोर्ट में कंपनी के एमडी को भगोड़ा घोषित करने के मामले में अगली सुनवाई 20 जुलाई को होनी है। एमडी राकेश शर्मा पिछले लंबे समय से अंडर ग्राउंड चल रहा है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी एमडी विदेश में कहीं छिपा है। स्पेशल कोर्ट ने एमडी राकेश शर्मा को भगोड़ा घोषित करने के लिए जरूरी दस्तावेज और नोटिस चस्पां करने के आदेश पिछली सुनवाई में पुलिस को दिए थे। इस मामले में अभी तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। उधर, डिप्टी कमिश्नर स्टेट टैक्स एंड एक्साइज जीडी ठाकुर ने पुष्टि करते हुए कहा कि दस्तावेज वेरिफाई करने के बाद 18 जुलाई को नीलामी के आदेश दिए जाएंगे।