प्रदेश के कालेजों में प्रवक्ताओं के पदों को पीटीए आधार पर भरने की प्रदेश सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं को चुनौती देने वाली याचिका में हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक चौहान की खंडपीठ ने अमित कुमार और अन्य की ओर से दाखिल याचिका की सुनवाई के बाद जारी किया।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश सरकार की ओर से 1973 में पहले और दूसरे श्रेणी के पदों को भरने के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम बनाए थे, लेकिन इन पदों को नियमों को दरकिनार रख तरह-तरह की स्कीमों के तहत भरा गया। नियमों के अनुरूप योग्यता रखने वालों उम्मीदवारों को नौकरी से वंचित रखा गया।
आरोप लगाया गया है कि पहले इन पदों को तदर्थ आधार पर उसके वाद अनुबंध आधार पर और अब पीटीए के आधार पर भरा जा रहा है। 16 जून 2014 को राज्य सरकार ने फैसला किया था कि इन पदों को पीटीए आधार पर नहीं भरा जाएगा, लेकिन 18 जुलाई 2014 को सरकार ने अपना फैसला बदलते हुए इन पदों को फिर से पीटीए आधार पर भरने का फैसला लिया। अपनी याचिका में प्रार्थी ने अधिसूचनाओं को रद्द करने की गुहार लगाई है।