हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने के आग्रह को लेकर दायर जनहित याचिका में राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने अधिवक्ता कोमल चौधरी की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान आईजीएमसी सहित सचिव स्वास्थ्य और निदेशक स्वास्थ्य को नोटिस जारी किए।
याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर राज्य सरकार का रवैया हमेशा उदासीन रहा है। यही कारण है कि प्रदेश के मुख्य सचिव ब्रेन हेम्रेज होने के बाद पीजीआई चंडीगढ़ से इलाज करवा रहे हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री को अपने इलाज के लिए एम्स दिल्ली जाना पड़ा था।
प्रदेश के अन्य वीआईपी भी प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति राज्य सरकार का रवैया देखते हुए राज्य से बाहर इलाज को प्राथमिकता देना उचित समझते हैं।