हिमाचल में पटवारी के 1194 पदों के लिए हाल ही में ली गई लिखित परीक्षा में कथित धांधली के मामले पर सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद सरकार को आदेश दिए कि वह विस्तृत शपथपत्र दो सप्ताह के भीतर न्यायालय में दाखिल करे। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि परीक्षा केंद्रों में बदइंतजामी के चलते सैकड़ों परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए।
कई परीक्षार्थियों को गलत परीक्षा केंद्र देने, दो-दो परीक्षार्थियों को एक ही रोल नंबर देने, प्रश्नपत्र देरी देनी जैसी घटनाएं होने से परीक्षा में बड़े स्तर गड़बड़ियां हुई हैं। इस कारण सैकड़ों परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित रहे गए। ऐसे में न्यायालय से परीक्षा रद्द करने का आग्रह याचिका में किया गया है। विज्ञापन के मुताबिक 1194 पदों पर होनी है। मामले पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष हुई।
गौरतलब है कि जिला लाहौल-स्पीति को छोड़कर अन्य सभी 11 जिलों में पटवारियों के पद भरे जाएंगे। इनमें मोहाल के तहत 932 और सेटलमेंट में 262 पद भरे जाएंगे। हिमाचल में बिलासपुर में 31, चंबा में 68, हमीरपुर में 80, कांगड़ा 220, किन्नौर 19, कुल्लू में 42, मंडी 174, शिमला में 115 सिरमौर में 52 सोलन में 63, ऊना में 69 पटवारियों के पद भरे जाएंगे। कांगड़ा मंडल में 143 और शिमला मंडल में 119 पटवारियों के पद भर जाएंगे। इस भर्ती के लिए 3 लाख से अधिक आवेदन आए हैं।