प्रदेश हाईकोर्ट ने सोलन जिले में निर्धारित मापदंडों के विरुद्ध बिरोजा निकालने पर कड़ा संज्ञान लिया है। खंडपीठ ने प्रधान सचिव वन सहित वन निगम को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 26 दिसंबर 2022 को निर्धारित की है। जनहित में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोलन वन वृत्त में वन निगम के निर्धारित मापदंडों के विपरीत बिरोजा दोहन किया जा रहा है। दलील दी गई कि वर्ष 1975-76 में बिरोजा निकालने का काम वन निगम को दिया गया था। वर्ष 2020 में वन निगम ने नियम बनाया कि एक वन सेक्शन से 55 क्विंटल बिरोजा निकाला जाएगा। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि वह 17 अगस्त 2022 को अपने बगीचे की ओर से जा रहा था।
रास्ते में उसने बिरोजा निकालने वाले मजदूर देखे। उनसे बातचीत पर पता चला कि इस बार निगम अधिक मात्रा में बिरोजा निकाल रहा है। मजदूरों ने याचिकाकर्ता को बताया कि इस बारे में वन निगम के निदेशक ने वन अरण्यपाल सोलन से पत्राचार किया है। अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता ने इस बारे में सूचना के अधिकार के तहत सूचना प्राप्त की। सूचना के अनुसार निगम ने वर्ष 2020 में एक वन सेक्शन से 55 क्विंटल बिरोजा निकालने का निर्णय लिया था। जबकि, इसके लिए बनाए गए नियमों के अनुसार एक वन सेक्शन से सिर्फ 35 क्विंटल बिरोजा ही निकाला जा सकता है। आरोप लगाया कि बिरोजा के अधिक दोहन से पेड़ सूखने के कगार पर हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई है कि पेड़ों से निर्धारित मापदंडों से अधिक बिरोजा निकालने पर रोक लगाई जाए।