हिमाचल हाईकोर्ट ने शिमला शहर के प्रतिबंधित मार्गों के लिए गैर कानूनी तरीके से जारी किए परमिटों को रद करने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने केवल पात्रता रखने वालों को ही परमिट जारी करने और रिन्यू करने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया है।
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने धर्मपाल ठाकुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किए। न्यायालय ने जिलाधीश शिमला, नगर आयुक्त शिमला और प्रबंध निदेशक पथ परिवहन निगम के शपथपत्र पर असंतोष व्यक्त किया।
कोर्ट ने कहा कि शपथपत्रों में इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी है कि कितने परमिटों की जांच की गई और कितने परमिट रद किए गए? कितने अधिकारियों को परमिट जारी किए गए? क्या इनको परमिट कानूनी तौर पर जारी हुए हैं?