इसके बावजूद अभी तक फाइल ठंडे बस्ते में है। अफसरशाही की इस देरी का लाखों स्कूली बच्चों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सरकार ने इस बार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से जमा दो कक्षा के 8.55 लाख विद्यार्थियों को निजी स्कूलों की तर्ज पर कलरफुल वर्दी देने का फैसला लिया है।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने वर्दी की खरीद का जिम्मा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम को सौंपा है। इस सत्र में वर्दी मिलने की संभावना कम ही लग रही है।छात्राओं को तीन रंग की चेकदार वर्दी छात्राओं के लिए लाल, काले और सफेद रंग की चेकदार वर्दी मंजूर की है।
छठी से बारहवीं तक की छात्राओं को दुपट्टा भी मिलेगा। लड़कों के लिए ग्रीन रंग की पैंट और ग्रीन रंग की चेक शर्ट होगी। विद्यार्थियों को वर्दी के दो-दो सेट मिलेंगे। पहली से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को वर्दी की सिलाई का पैसा भी मिलेगा।