फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: टाउनहॉल से लेकर स्कैंडल तक के क्षेत्र को हेरिटेज स्टाइल में री-मॉडल करने के आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने नगर निगम शिमला और एडवांस्ड स्टडी से तलब की रिपोर्ट
विज्ञापन

अब मामले पर अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला के ऐतिहासिक टाउन हॉल और मालरोड की हेरिटेज प्रोफाइल को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि टाउन हॉल के आसपास के क्षेत्र को हेरिटेज मानदंडों के अनुसार ही विकसित किया जाना चाहिए।
अदालत ने शिमला प्लानिंग एरिया 2041 के ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान का हवाला देते हुए टिप्पणी की कि टाउन हॉल स्क्वायर के आसपास जो दुकानों के सामने कांच और स्टील के डोर लगाए गए हैं, वे शिमला की ऐतिहासिक विरासत के स्वरूप के बिल्कुल विपरीत हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि टाउन हॉल स्क्वायर से लेकर स्कैंडल पॉइंट तक के क्षेत्र को पुराने हेरिटेज स्टाइल में ही री-मॉडल किया जाना चाहिए। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूर्व के आदेशों का जिक्र किया। कोर्ट ने कहा कि टाउन हॉल के क्षेत्र का उपयोग केवल उच्च श्रेणी के कैफे, लाइब्रेरी रीडिंग फैसिलिटी, सूचना केंद्र और पारंपरिक शिल्प के बुटिक के लिए किया जाना चाहिए। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि इस ऐतिहासिक भवन की दूसरी मंजिल का उपयोग प्रदर्शनी और पुस्तकालय के लिए ही होना चाहिए।
विज्ञापन

एडवांस्ड स्टडी पर मांगी रिपोर्ट
अदालत ने न केवल टाउन हॉल, बल्कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज यानी वाइस रीगल लॉज की खराब रखरखाव पर भी चिंता जताई। कोर्ट को बताया गया कि इस प्रतिष्ठित इमारत के लॉन और बाहरी हिस्से का रखरखाव ठीक नहीं है। कोर्ट ने भारत सरकार और भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के निदेशक को मामले में पक्षकार बनाया है। खंडपीठ ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को निर्देश दिया गया है कि वे व्यक्तिगत रूप से आईआईएएस परिसर का दौरा करें और वहां की कमियों व सुधार की संभावनाओं पर एक स्वतंत्र रिपोर्ट पेश करें। इसके साथ ही शिमला नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि वह टाउन हॉल के उपयोग और हेरिटेज संरक्षण को लेकर ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। अब इस पूरे मामले पर अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी, जिसमें नगर निगम और एडवांस स्टडी प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।


शिमला ड्राफ्ट डेवलपमेंट प्लान 2041, विरासत के संरक्षण और पैदल चलने योग्य सड़कों पर जोर
शिमला विकास योजना 2041 के हालिया मसौदे में शहर की ऐतिहासिक और वास्तुकला विरासत को संजोने के लिए कड़े कदम उठाने का प्रस्ताव रखा गया है। योजना के अध्याय 11 (विरासत रूपरेखा) के तहत शहर की प्रतिष्ठित इमारतों और सामाजिक संरचना के संरक्षण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। योजना में ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। विकास योजना में वाइस रीगल लॉज, गॉर्टन कैसल, रेलवे बोर्ड बिल्डिंग, गेयटी थिएटर, टाउन हॉल और ऑकलैंड हाउस जैसी उत्कृष्ट वास्तुशिल्प कृतियों को शहर की पहचान बताया गया है। क्लॉज 11.2.2 के अनुसार मॉल रोड की अवधारणा, जो पश्चिम से ली गई है, केवल एक सड़क नहीं बल्कि सामाजिक मेलजोल का मुख्य केंद्र है। यह बॉयलगंज से शुरू होकर वाइस रीगल लॉज, सेसिल होटल, टेलीग्राफ बिल्डिंग और ओकओवर से होते हुए छोटा शिमला तक फैली एक महत्वपूर्ण विरासत पट्टी है।
-
आधुनिकीकरण की अंधी दौड़ से खतरा
योजना के क्लॉज 11.3 में इस बात पर चिंता व्यक्त की गई है कि उपभोक्तावाद और शहरीकरण के दबाव के कारण आधुनिक संरचनाओं की अंधी दौड़ शुरू हो गई है। यह व्यावसायिक हित ऐतिहासिक विशेषताओं के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हेरिटेज जोन में किसी भी निर्माण या पुनर्निर्माण के लिए राज्य विरासत सलाहकार समिति की मंजूरी अनिवार्य होगी। विरासत क्षेत्रों में निर्माण के लिए क्लॉज 11.4 के तहत सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी नए निर्माण में विरासत इमारतों की वास्तुशिल्प शैली का पालन करना अनिवार्य होगा। ऐतिहासिक इमारतों के आसपास पर्याप्त सेटबैक और खुली जगह छोड़नी होगी।ऐसी मौजूदा इमारतें जो आसपास के ऐतिहासिक परिवेश के साथ मेल नहीं खातीं, उन्हें पुराने स्वरूप के अनुरूप पुन: तैयार करना होगा।
विज्ञापन

-
पैदल चलने योग्य सड़कों का विकास
योजना का एक मुख्य आकर्षण (क्लॉज 11.5.2) शहर में अधिक वॉकएबल स्ट्रीट्स और पैदल चलने योग्य मोहल्लों का विकास करना है। इसका उद्देश्य न केवल स्वास्थ्य लाभ और फिटनेस को बढ़ावा देना है, बल्कि सामाजिक संपर्क बढ़ाना और स्थानीय निवासियों के परिवहन खर्च में कमी लाना भी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें