हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने मादक पदार्थों की तस्करी करने के आरोपी इंदौरा निवासी राजकुमार उर्फ सेठी की जमानत याचिका खारिज कर दी। प्रार्थी के खिलाफ आरोप है कि तलाशी के दौरान उसकी रसोई से ट्रामाडोल के 1500 कैप्सूल बरामद किए गए थे, जिन्हें छिपाकर चावल के बर्तन में रखा गया था। इसको लेकर 3 सितंबर 2020 को डमटाल पुलिस स्टेशन में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद से प्रार्थी फरार था। दो महीने बाद उसने हाईकोर्ट के सामने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी।
13 नवंबर को उसे हाईकोर्ट की ओर से अंतरिम अग्रिम जमानत प्रदान कर दी गई थी और पूछताछ के लिए पुलिस थाने में हाजिर होने को कहा था। जिसके बाद वह 15 नवंबर को पुलिस थाने में हाजिर हो गया था। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए रिकॉर्ड के अवलोकन में पाया कि मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों को लेकर उसके खिलाफ कई अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।
न्यायालय ने कहा कि रिकॉर्ड को देखते हुए आरोपी को जमानत पर छोड़ा जाना उचित नहीं होगा। राज्य सरकार की ओर से यह गुहार लगाई गई थी कि इस आरोपी की कस्टोडियल इंटेरोगेशन किया जाना अति आवश्यक है। ऐसे में इसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया जाए। प्रार्थी को न्यायालय ने 19 दिसंबर को पुलिस के समक्ष सरेंडर करने के आदेश दे दिए।