प्रदेश उच्च न्यायालय ने 19 अप्रैल तक ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार और नगर निगम शिमला को आदेश दिए हैं कि वह राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी अतिक्रमण तुरंत प्रभाव से हटाएं और 19 अप्रैल तक अपनी ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें। चीफ जस्टिस मंसूर अहमद मीर और जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका में उपरोक्त आदेश पारित किए।
सरकार ने इस मामले में ताजा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें बड़ोग क्षेत्र और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर सभी अवैध कब्जाधारियों का ब्योरा दिया गया है। कोर्ट ने सभी अवैध कब्जों को तुरंत प्रभाव से हटाने और 19 अप्रैल तक अनुपालना रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश पारित किए।
कोर्ट मित्र ने अदालत के संज्ञान में लाया कि नगर निगम शिमला कि स्टेटस के अनुसार कुछ हॉकर अवैध और अनधिकृत रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग का उपयोग कर रहे हैं। कोर्ट ने नगर निगम शिमला को भी निगम कानून के मुताबिक इस तरह के अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। अब मामले पर अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी।