फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फार्मासिस्टों के लिए हाईकोर्ट का अहम फैसला

Sat, 09 Aug 2014 12:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट की भर्ती के लिए 50 फीसदी बैचवाइज कोटा खत्म करने के सरकार के निर्णय में हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सरकार की नीतियों में दखल देना अदालतों की सीमित शक्तियों में आता है।
विज्ञापन


इसलिए इन मामलों में अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती। सरकार के इस निर्णय को चुनौती देने वाली आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि प्रार्थी अपनी बात प्रतिवेदन के माध्यम से सरकार के समक्ष रख सकते हैं।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्रदेश सरकार ने आयुर्वेदिक फार्मासिस्टों की भर्ती के लिए 50 फीसदी बैचवाइज कोटा खत्म किए जाने का निर्णय लिया है, जोकि उनके साथ भेदभाव है। दलील दी थी कि सरकार की ओर अन्य विभागों में बैचवाइज कोटा जारी रखा गया है।
विज्ञापन


सरकार की ओर से वर्ष 2009 में आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट से संबंधित भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में बैचवाइज कोटा खत्म कर दिया था। प्रार्थियों ने दलील दी थी कि वर्ष 2009 से पहले प्रशिक्षण प्राप्त फार्मासिस्ट की भर्ती 50 फीसदी सीधे चयन प्रक्रिया तथा 50 फीसदी विभाग द्वारा बैचवाइज भरे जाते थे।

उनका बैचवाइज कोटा खत्म करने से कई फार्मासिस्ट नियुक्ति के लिए ऊपरी आयु सीमा पार करने के कारण नौकरी से वंचित रह जाएंगे। अदालत ने सभी दलीलें प्रतिवेदन के माध्यम से सरकार के समक्ष उठाने की सलाह देते हुए सभी याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें