खंडपीठ ने चार सप्ताह में जवाबतलब के अलावा उसके बाद अगले चार सप्ताह तक याचिका में उठाए सवालों का प्रति उत्तर देने को कहा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाए हैं कि आईआईटी मंडी में भर्तियों, टेंडर और अन्य कार्यों में भारी अनियमितताएं हैं।
केंद्र सरकार के आदेशों के विपरीत नियम-कायदों को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है। छोटे पदों पर इंटरव्यू कर चहेतों को भर्ती किया जा रहा है।आईआईटी के कैंपस में निजी स्कूल चलाने पर भी जांच की मांग की गई है। कैग की रिपोर्ट का हवाला देकर बताया गया है कि जिस तरह से जनता के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है, वह जांच का विषय है। जिसकी जांच की जाए।