माननीयों के बढ़े भत्तों को लेकर विरोध के स्वर मुखर करने वाले समाजसेवी संजय शर्मा की पत्नी के तबादले को लेकर आठ विधायकों के डीओ नोट को हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने मंगलवार को इस तबादले को रद्द करने के आदेश दिए हैं। समाजसेवी संजय शर्मा ने पिछले दिनों सदन में अपने भत्तों की बढ़ोतरी का प्रस्ताव पारित करने वाले विधायकों के खिलाफ मुहिम शुरू की थी।
बड़का भाऊ के नाम से चर्चित संजय शर्मा की टीम ने मंडी जिला के सुंदरनगर से लेकर कांगड़ा, ऊना और पूरे प्रदेश में एक आंदोलन के रूप में विधायकों के लिए एक रुपये की भीख मांगकर इसका विरोध जताया था। बताया जा रहा है कि उनकी इस मुहिम से तंग आकर प्रदेश के आठ विधायकों ने बतौर कांस्टेबल धर्मशाला नारकोटिक्स विंग में तैनात उनकी धर्मपत्नी अनीता शर्मा का छठी आईआरबी बटालियन कोलर में तबादले के लिए सीएम को डीओ नोट भेजे। इसके आधार पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने अनीता शर्मा के तबादला आदेश जारी कर दिए।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला काफी ट्रोल हुआ। अनीता शर्मा ने सरकार के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस पर हाईकोर्ट ने एक कर्मचारी के तबादले के लिए आठ डीओ नोट को अनुचित ठहराते हुए इन आदेशों को क्वैश किया। समाजसेवी संजय शर्मा ने अदालत के आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने अफसोस जताया कि जनता के हित में आवाज उठाने पर विधायकों की तिलमिलाहट सही नहीं है। समाजसेवा की उनकी मुहिम जारी रहेगी।