प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल परिवहन निगम की ओर से की जा रही अस्थायी कंडक्टर भर्ती की चयन प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर वाली खंडपीठ ने प्रार्थी प्रवीण कुमार की दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान उक्त आदेश पारित किए हैं।
याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार एचआरटीसी ने वर्ष 2013 में कंडक्टर चयन प्रक्रिया के लिए एक सोसाइटी का गठन किया था। एचआरटीसी ने हाल ही में इस सोसाइटी के माध्यम से ट्रेनी कंडक्टर के 700 पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि जब कंडक्टर चयन प्रक्रिया का मामला पहले से ही हाई कोर्ट में लंबित है तो उस स्थिति में एचआरटीसी इन पदों को किसी अन्य माध्यम से कैसे भर सकता है।
प्रार्थी के अनुसार इन पदों को कुछ और नाम देकर भरा जा रहा है। प्रार्थी ने दलील दी है कि विज्ञापन के अनुसार अभ्यर्थी के पास कंडक्टर लाइसेंस होना चाहिए जोकि केवल प्रशिक्षित लोगों को ही दिया जाता है।
तो इस स्थिति में प्रशिक्षित लोगों के लिए कौशल विकास योजना कैसे चलाई जा सकती है। प्रार्थी ने अदालत से गुहार लगाई है कि इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने के आदेश पारित कि ए जाएं। ऐसे में इन दिनों चल रहा कंडक्टर का प्रशिक्षण रुक सकता है।