हिमाचल हाईकोर्ट ने मंडी जिले के एक स्कूल में विद्यार्थियों के साथ जातिगत भेदभाव को लेकर चल रहे मामले में सरकार को दो सप्ताह के अतिरिक्त समय के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने दैनिक समाचार पत्रों में छपी खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश एल. नारायण स्वामी और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने सरकार के आग्रह पर दो सप्ताह का अतिरिक्तसमय देते इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में मुख्य सचिव सहित डीसी मंडी, निदेशक उच्चतर शिक्षा, उप निदेशक उच्चतर शिक्षा मंडी और स्कूल के प्रधानाचार्य को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए थे।
विभिन्न दैनिक समाचार पत्रों में छपी खबरों के अनुसार स्कूल में पढ़ने वाले दलित समुदाय के बच्चों के अभिभावकों ने एडीएम मंडी श्रवण मांटा और एएसपी मंडी पुनीत रघु को लिखित में शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग उठाई है। शिकायत देने वालों में धर्म चंद, हुकम चंद, झाबे राम, टेक चंद, देविंद्र कुमार, पवन कुमार, घनश्याम, यशवंत, चौधरी राम और सुनील कुमार शामिल है। शिकायत में कहा गया है कि 9 सितंबर को स्कूल में हो रहे टूर्नामेंट के दौरान वहां कार्यरत कर्मचारियों ने उनके बच्चों के साथ जातिगत भेदभाव किया। बच्चों को कहा गया कि वह न तो किसी को पानी बांटेंगे और न ही साथ बैठकर खाना खाएंगे। प्रधानाचार्य पर आरोप हैं कि उन्होंने मामले की गंभीरता को नहीं समझा और इसे दबाने का प्रयास किया।