हिमाचल हाईकोर्ट ने मेलों में पशुओं, पक्षियों की लड़ाई करवाने के खिलाफ दायर की गई जनहित याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
सोलन के कसौली निवासी सोनाली पुरेवाल की याचिका पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव सहित गृह सचिव, सचिव ग्रामीण विकास विभाग, सचिव पशु पालन विभाग और सचिव भाषा एवं अकादमी विभाग से जवाब मांगा है।
याचिका में आरोप है कि प्रदेश के कई इलाकों में कुछ मेलों के दौरान पशु और पक्षियों की लड़ाई करवाई जाती है। पशुओं से क्रूरता के चलते सर्वोच्च न्यायालय ने जानवरों से जुड़ी प्रतियोगिता पर प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन प्रदेश में सरेआम इसकी अवहेलना की जा रही है।
यही नहीं, मेलों में इस तरह की प्रतियोगिता के दौरान सरकार के मंत्री और आला अधिकारी भी मौजूद रहते हैं। प्रार्थी ने बताया कि शिमला स्थित पवाबो में 12 अक्तूबर और पनेश में 16 नवंबर को हुए मेलों में इस तरह की प्रतियोगिता करवाई गई और मंत्री और आला अधिकारी भी मौजूद रहे।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस तरह की प्रतियोगिता में जानवर घायल हो जाते हैं। प्रार्थी ने अदालत से गुहार लगाई कि ऐसी प्रतियोगिताओं को तुरंत बंद करवाने के आदेश दिए जाएं।