सोलन जिला में कसौली एयर स्पेस, गोरखा प्रशिक्षण कैंप समेत दोनों छावनियों, सोलन आर्मी कैंप व सीआरपीएफ कैंप में अलर्ट जारी किया गया है। तीनों हवाई अड्डों समेत कोल बांध, भाखड़ा, पंडोह और पौंग डैम की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है।
कोल बांध पर सीआईएसएफ ने सुरक्षा के लिहाज से मॉकड्रिल भी की। नाथपा झाकड़ी समेत बड़ी बिजली परियोजनाओं का पहरा सख्त कर दिया गया है। शक्तिपीठ ज्वालाजी, चामुंडा देवी, बज्रेश्वरी देवी, चिंतपूर्णी और नयनादेवी में सुरक्षा बढ़ाई गई है।
प्रदेश भर में बॉर्डर क्षेत्रों में नाकों पर एक-एक वाहन की चेकिंग के बाद भेजा जा रहा है। डीजीपी सीता राम मरडी ने भी मंगलवार दोपहर को वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रदेश के सभी एसपी को सैन्य ठिकानों, सामरिक और रणनीतिक महत्व के स्थानों की सुरक्षा को पुख्ता रखने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि योल छावनी क्षेत्र में आर्मी पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, छावनी बोर्ड विद्यालय, धौलाधार पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, विश्व ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल और भारतीय स्टेट बैंक की शाखा मंगलवार को बंद रखे गए।
गेट बंद होने की वजह से योल से कांगड़ा वाया धलूं होकर जाने वाली गाडि़यों को वाया तंगरोटी होकर भेजा गया। स्लेट गोदाम की तरफ जाने वाले लोगों को भी तलाशी के बाद जाने की अनुमति दी गई।
गौर हो कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद 12 दिन बाद भारत ने पाकिस्तान में घुसकर कई आतंकियों को मार गिराया है। भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर किए गए हमले की पुष्टि की।
भारत ने साफ किया किया कि भारतीय लड़ाकू विमानों ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया है। भारतीय विदेश सचिव गोखले ने कहा कि इस हमले में जैश के कई आतंकी मारे गए हैं।
विजय गोखले ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पुख्ता खुफिया सूचना के बाद भारत ने जैश के ठिकानों पर असैनिक कार्रवाई की है। विजय गोखले ने कहा, 'इस सूचना के बाद कि जैश के आतंकी भारत में और आत्मघाती हमले करने के फिराक में है, भारत द्वारा हमला करना जरूरी हो गया था।
हमने बालाकोट में जैश के ट्रेनिंग कैंप पर हमला किया, जिसमें कई बड़े आतंकी, सीनियर कमांडर और जेहादी मारे गए हैं।' 26 फरवरी की तड़के भारतीय लड़ाकू विमान मिराज 2000 के एक समूह ने एलओसी पारकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी कैंप पर बमबारी की और उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया। आतंकी कैंप पर 1000 किलो बम गिराए गए। इस अभियान में 12 मिराज विमानों ने हिस्सा लिया।