लगातार हो रही बर्फबारी, प्रचंड ठंड के चलते लोगों का जहां घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे मौसम में आशा वर्कर, हेल्थ वर्कर ठंड की परवाह किए बगैर बर्फ के बीच पैदल चलकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। लाहौल घाटी में अब तक करीब 7500 लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है। क्षयरोग विभाग के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर सुखदीप नलवा ने खुलासा किया है कि अब तक के स्क्रीनिंग के दौरान लाहौल में 6 मरीजों में टीबी के पॉजिटिव लक्षण पाए गए हैं।
इन मरीजों को एंटी टीबी डॉट्स में डाल कर उपचार शुरू कर दिया है। बर्फ से लकदक चंद्रा, तोद और मयाड़ घाटी में इस अभियान को अंजाम देने में स्वास्थ्य कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह अभियान 30 नवंबर तक जारी रहेगा। स्वास्थ्य कर्मी प्रेम ने कहा कि बर्फबारी वाले इलाकों में सड़कें बंद होने के कारण स्क्रीनिंग के लिए लोगों तक पहुंचना भी एक चुनौती है। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉक्टर जगदीश ने कहा कि बर्फबारी और माइनस तापमान में टीबी उन्मूलन अभियान में जुटे स्वास्थ्य कर्मी ईमानदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।