देवभूमि हिमाचल में अब हेलिकॉप्टर से देवी दर्शन किए जा सकेंगे। चामुंडा देवी के मूल स्थान आदि हिमानी चामुंडा तक श्रद्धालु चंद मिनटों में पहुंच सकेंगे। धौलाधार की चोटी पर बने इस मंदिर तक अब महज 12 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
कांगड़ा स्थित चामुंडा नंदिकेश्वर धाम से करीब 15 किलोमीटर दूर इस ऐतिहासिक मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल छह से सात घंटे लगते हैं। करीब 3500 मीटर ऊंचाई पर स्थित आदि हिमानी चामुंडा मंदिर के लिए प्रथम नवरात्र से हेली टैक्सी सेवा शुरू की जा रही है।
वीरवार सुबह 7:30 बजे शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा हेली टैक्सी सेवा का शुभारंभ करेंगे। आर्यन एविएशन कंपनी की इस हेली टैक्सी में एक बार में छह लोग जा सकेंगे। प्रति व्यक्ति एक तरफ का किराया 3250 रुपये होगा।
डाढ़ हेलीपैड से उड़ेगा हेलीकॉप्टर
हेलिकॉप्टर डाढ़ हेलीपैड से उड़ान भरेगा और आदि हिमानी चामुंडा में बने हेलीपैड पर उतरेगा। आर्यन एविएशन कंपनी के चेयरमैन नीरज राठी का कहना है कि मौसम साफ रहने पर रोजाना सेवा मिलेगी। उपायुक्त कांगड़ा सी पालरासु का कहना है कि इससे देश-विदेश के पर्यटक आदि हिमानी चामुंडा पहुंच पाएंगे।
कांगड़ा में पर्यटन को लगेंगे पंख
ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का आदि हिमानी चामुंडा मंदिर धौलाधार के दुर्गम पहाड़ों पर है। प्राकृतिक सौंदर्य से लबालब इस इलाके में गौरी मुकुट, भीम घसोत, अर्जुन ताल, बाण गंगा जैसे कई दर्शनीय धार्मिक स्थल हैं।
चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के सदस्य डा. कुलदीप शर्मा कहते हैं कि आदि हिमानी चामुंडा के पृष्ठांचल में मनोरम दृश्य है, वहीं पूरी कांगड़ा घाटी का अद्भुत नजारा दिखता है। उनका कहना है कि हेली टैक्सी सेवा शुरू होने से पूरे क्षेत्र में पर्यटन को भी पंख लगेंगे।
ऑनलाइन बुकिंग की भी सुविधा
आदि हिमानी चामुंडा को हेली टैक्सी सेवा के लिए श्रद्धालु डाढ़ में बने हेलिपैड पर बुकिंग कर सकेंगे। आर्यनएविएशनडाटकाम पर आनलाइन बुकिंग भी कर सकते हैं। इसके अलावा बुकिंग के लिए 09871658111 फोन नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है। 07895947233 नंबर पर पूछताछ कर पाएंगे।
राख हो गया था मंदिर
कुछ माह पहले आदि हिमानी चामुंडा मंदिर राख हो गया था। आग का कारण जानने पहंुचे फोरेंसिक एक्सपर्ट भी तब हैरान रह गए, जब उन्होंने देखा कि मंदिर पूरा राख हो गया, लेकिन माता की मूर्ति और चुन्नी को आग ने छुआ तक नहीं। मंदिर का अब काष्ठकुणी शैली में पुनर्निर्माण किया जा रहा है।
चार माह बर्फ से ढका रहता मंदिर
आदि हिमानी चामुंडा मंदिर, माता चामुंडा का प्राचीनतम मंदिर माना जाता है। यह मंदिर बर्फ के कारण 15 नवंबर से 15 मार्च तक बंद रहता है।