किलाड़ हेलीपैड पर दर्द से कराह रहे छह मरीजों को छोड़ पायलट ने अन्य लोगों को बैठा भुंतर के लिए उड़ान भर ली। इनके साथ 50 के करीब अन्य यात्री भी चंबा जाने के लिए पहुंचे थे। तय शेड्यूल के मुताबिक चॉपर की उड़ान चंबा के लिए होनी थी। लेकिन, पायलट के निर्देशों से भुंतर के लिए जाने वाली सवारियां चॉपर में चढ़ने के लिए आगे आईं। ऐसे में सिविल अस्पताल पांगी से चंबा के लिए रेफर किए मरीज एक-दूसरे का मुंह ताकते ही रह गए।
चॉपर की उड़ान भुंतर के लिए होने पर गर्भवती महिला सहित अन्य मरीज किलाड़ अस्पताल के लिए लौट आए। हालांकि, भुंतर के लिए किलाड़ से होने वाली उड़ान की सूचना मिलते ही कुछ देर के लिए हेलीपैड पर भगदड़ तक मच गई। ऐसे में यात्रियों को शांत करने के लिए वहां पर तैनात पुलिस जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
मंगलवार को तय शेड्यूल के तहत भुंतर-साच-धरवास-चंबा के लिए हवाई उड़ानें होनी निर्धारित थी। भुंतर से किलाड़ के लिए करीबन 15 यात्रियों को लेकर चॉपर पहुंचा। शेड्यूल के मुताबिक साच बुकिंग अधिकारी ने आधे साच, आधे धरवास से चंबा जाने वाले यात्रियों को लाइनों में खड़ा करवाया था।
लेकिन, पायलट नेे भुंतर की सवारियों को बैठाया। पांगीवासियों में संतोष कुमार, राजीव, देसराज, शाम चंद, विशनदेई, बवीता, सरिता देवी, करण सिंह, जोगिंदर कुमार, दीवान चंद, विशन लाल का कहना है कि उड़ानों के नाम पर लोगों को छला जा रहा है।
मौसम में खराबी से चंबा के लिए नहीं हुई उड़ान
भाजपा जिलाध्यक्ष योगराज शर्मा ने बताया कि भुंतर से किलाड़ पहुंचे चॉपर की चंबा के लिए उड़ान होनी थी। लेकिन, मौसम में खराबी के कारण चंबा के लिए उड़ान नहीं हो पाई है। जिसके तहत उन्होंने शिमला स्थित जेडी से बात की है। उन्होंने वीरवार तक पांगी के लिए पुन: उड़ानें करवाने का आग्रह किया है।