हिना ने बताया कि एसडीएम की कुर्सी पर बैठकर बहुत गर्व अनुभव किया। यह उनके लिए सपने की तरह था। एसडीएम सर ने मुझे आईएएस अफसर बनने का सपना दिखाया है, मैं उसे पूरा करूंगी। हिना ने कहा कि आईएएस अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए बनते हैं। मेरा मानना है कि अवसर, शब्द और समय कभी वापस नहीं आते हैं। हिना ठाकुर के पिता तोता राम ने कहा कि एसडीएम जतिन लाल ने बहुत बड़ा कार्य किया है।
...ताकि देश की हर बेटी अपराजिता बने : एसडीएम
एसडीएम जतिन लाल ने बताया कि मुझे मेरे दफ्तर के चपरासी ने बताया था कि उसकी बेटी ने दसवीं में 94 फीसदी अंक लिए हैं। मैंने सोचा कि बेटी को सम्मानित करूं। मैंने हिना को सम्मानित करने के लिए उसे दफ्तर बुलवाया। हिना ने कहा कि मैं आईएएस अफसर बनना चाहती हूं। फिर मैंने सोचा कि हिना को एक दिन की एसडीएम बनाऊं। ऐसा करने का मेरा मकसद बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान को बढ़ावा देना है, ताकि देश की हर बेटी अपराजिता बने।