मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार 11 से 13 जुलाई तक मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में भारी बारिश होने का अलर्ट है।
पांच दिन तक कई संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और पेड़ गिरने की आशंका बनी रहेगी। मंगलवार को शिमला में बूंदाबांदी जबकि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा।
सोमवार रात को शिमला शहर और पांवटा साहिब सहित कई क्षेत्रों में बादल जमकर बरसे। मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 35.4, भुंतर में 33.8, बिलासपुर में 33.0 रिकॉर्ड किया।
कांगड़ा में 32.5, सुंदरनगर में 32.4, हमीरपुर में 32.6, धर्मशाला में 31.8, नाहन में 30.6, सोलन में 27.0, कल्पा में 24.8 और शिमला में 22.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी शिमला में सोमवार रात और मंगलवार तड़के तक 60 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। पांवटा साहिब में 51, सुजानपुर टीहरा में 42, बैजनाथ में 38, घुमारवीं में 35 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
जुब्बड़हट्टी में 33, मशोबरा में 26, सरकाघाट में 20, नगरोटा सूरियां में 18, धर्मशाला में 17, सुंदरनगर में 16, गग्गल में 10, पालमपुर-कसौली में 9 और बंजार में 7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।