राजधानी शिमला में वीरवार दोपहर बाद करीब एक घंटा जमकर बादल बरसे। शाम के समय शहर में धुंध पड़ने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। धर्मशाला में सुबह के समय करीब दो घंटे मूसलाधार बारिश हुई।
पालमपुर उपमंडल के नगरी सहित अन्य क्षेत्रों में भी बारिश हुई। बुधवार देर रात चंबा-तीसा मार्ग पर कल्हेल के पास पहाड़ी से मलबा गिरने के चलते मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई।
वीरवार को भुंतर में अधिकतम तापमान 34.6, बिलासपुर में 32.7, सुंदरनगर में 32.5, हमीरपुर में 30.8, ऊना में 30.2, धर्मशाला-नाहन में 29.8, चंबा में 29.4, कांगड़ा में 29.2, सोलन में 28.2, कल्पा में 24.0, शिमला में 23.6 और डलहौजी में 21.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
वीरवार को चार दिन बाद दिल्ली-भुंतर और चंडीगढ़ के लिए हवाई उड़ानें हुईं। दिल्ली से 37 सवारी भुंतर में उतरीं जबकि 18 लोगों ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी। भुंतर से चंडीगढ़ के लिए 23 लोग गए और इतने ही लोगों ने भुंतर में लैंडिंग की।
10 जुलाई को भी जहाज ने उड़ान भरी थी लेकिन सुंदरनगर के आसपास विजिबिलिटी कम होने से जहाज दिल्ली लौट गया था। एयर इंडिया की उड़ानों के प्रभावित होने से घाटी में पर्यटन कारोबार भी प्रभावित होने लगा है। उधर, दिल्ली से शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे के लिए वीरवार को भी उड़ान नहीं हो सकी।