राजधानी शिमला में मंगलवार को मौसम मिलाजुला रहा। शहर में सुबह करीब दस बजे हल्की बूंदाबांदी हुई। दिन के समय शहर में बारिश नहीं हुई। हालांकि दिनभर शहर में बादल छाए रहे।
सोमवार रात और मंगलवार सुबह धर्मशाला में 75, पांवटा साहिब में 29, बंजार में 25, गगल में 20, नाहन में 19, गोहर में 17, मंडी-शिमला में 11, रामपुर में 9 और ऊना-नैनादेवी में 7 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हुई। उधर, मंगलवार को बारिश नहीं होने के चलते मौसम में उमस बढ़ गई है।
मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 34.6, हमीरपुर में 30.7, भुंतर में 30.5, चंबा में 30.1, नाहन में 29.2, बिलासपुर में 29.1, सुंदरनगर में 29.0, कांगड़ा में 27.5, सोलन में 26.5, धर्मशाला में 26.4, शिमला में 20.6 और डलहौजी में 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 20 और 21 जुलाई को मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा और मैदानी क्षेत्रों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा के कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। बुधवार को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
कुल्लू-मनाली नेशनल हाइवे 17 घंटे के बाद यातायात के बहाल हो गया है। तीर्थ स्थल क्लॉथ के पास पहाड़ी धंसने से मार्ग 16 जुलाई शाम से अवरूद्ध चल रहा था। हालांकि एनएचआईए ने मशीनरी तैनात कर हाइवे को खोलने का प्रयास किया लेकिन रात भर पहाड़ी से भूस्खलन होता रहा।
घंटों तक दोनों ओर से लंबा जाम लगा रहा। इससे सैर सपाटे को मनाली आए पर्यटकों के साथ जिला मुख्यालय से अपने घर लौट रहे उझी घाटी के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वाहनों को पतलीकूहल से नग्गर होते मनाली के लिए भेजा गया। एनएचआईए ने मंगलवार सुबह दोबारा से मशीनरी तैनात कर सड़क पर पड़े मलबे को हटाया। सुबह करीब साढ़े 11 बजे टीम को सफलता मिली। यहां अभी भी पहाड़ी धंसने का खतरा बना हुआ है।
हाइवे के बहाल होने से पर्यटकों के साथ ऊझी घाटी के लोगों ने राहत की सांस ली। कुल्लू-मनाली के बीच हो रहे फोरलेन निर्माण के चलते यहां भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने कहा कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हाइवे बहाल कर दिया गया है।