शिमला शहर में शनिवार दोपहर तक मौसम साफ रहा। करीब डेढ़ बजे से तीन बजे तक शहर में बादल झमाझम बरसे। किन्नौर में शुक्रवार रात को भारी बारिश से एनएच पांच पोवारी और पांगी के बीच यातायात के लिए बाधित हो गया।
इससे जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह काजा की ओर वाहनों की आवाजाही ठप रही। सीमा सड़क संगठन ने एनएच बहाल करने के लिए मशीनें और मजदूर तैनात कर दिए हैं। जिला सिरमौर के भी कई इलाकों में शनिवार को जमकर बारिश हुई।
मंडी जिले में भी शनिवार दोपहर बाद दो से पौने तीन बजे तक बारिश हुई। शुक्रवार देर रात को मैक्लोडगंज, धर्मशाला, दाड़ी, खनियारा और पालमपुर में भी जमकर बारिश हुई।
जिला के निचले क्षेत्रों में बारिश न होने से वर्षा के पानी पर निर्भर फसलों की रोपाई नहीं हो पा रही है। शुक्रवार रात को धर्मशाला में 44, शिमला में 28, गोहर में 25, जोगिंद्रनगर में 11, ऊना में 6, पालमपुर में 5.2 और कांगड़ा में 16.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
शनिवार को ऊना में अधिकतम तापमान 37.8, मंडी में 33.8, बिलासपुर में 34.0, हमीरपुर में 34.5, चंबा में 33.8, नाहन में 29.7, सोलन में 30., धर्मशाला में 30.2, शिमला में 23.7 और केलांग में 22.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
कंडाघाट-चायल मार्ग पर साधुपुल में हुए भूस्खलन से शुक्रवार देर शाम मार्ग बंद हो गया। जोरदार बारिश से भूस्खलन का मलबा लोगों के घरों में घुस गया। आंगन में खड़े कई दोपहिया वाहन मलबे में दब गए।
स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना लोक निर्माण विभाग को दी। विभाग ने एक तरफ का मलबा हटाकर मार्ग तो बहाल कर दिया, लेकिन भारी वाहनों को गुजरने में पूरा दिन परेशानी रही।