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Himachal Rain: बस स्टैंड डूबा... बसें और कई वाहन बहे, भारी बारिश ने हिमाचल में मचाया तांडव; दो लापता

Tue, 16 Sep 2025 12:31 PM IST
शाहरुख खान संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भारी बारिश ने जमकर तांडव मचाया। धर्मपुर में बस स्टैंड डूब गया है। बसें और कई वाहन बह गए हैं। एक व्यक्ति के भी अभी तक लापता होने की सूचना मिल रही है। भारी बारिश से यहां बहने वाली सोन खड्ड के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हुई है।
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पानी में डूबीं रोडवेज बसें - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में सोमवार आधी रात को मौसम ने फिर कहर बरपाया। मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से मंडी और राजधानी शिमला में भारी तबाही हुई है। मंडी जिले के सुंदरनगर में देर रात को हुए भूस्खलन में मकान के भीतर सोए पांच लोग दब गए। इनमें तीन की मौत हो गई। भारी बारिश के चलते सोमवार रात उफान पर आई सोन खड्ड ने शिवदवाला से धर्मपुर तक जमकर तबाही मचाई। धर्मपुर बस अड्डे की एक मंजिल पूरी तरह जलमग्न हो गई और धरातल में बनीं दुकानों में पानी घुस गया। बस अड्डे पर खड़ीं एचआरटीसी की 18 बसें 200 मीटर तक बह गईं। ये पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बसों के अलावा भी दर्जनों छोटे वाहन बह गए। 100 से ज्यादा निजी और सरकारी वाहन बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई दुकानें व घर बाढ़ की चपेट में आ गए। आधी रात को आई आफत के बीच लोगों ने घरों की छतों पर चढ़कर जान बचाई। यहां एक ट्रैवलर चालक एवं मेडिकल स्टोर का संचालक अभी लापता हैं। राजधानी शिमला में भारी बारिश से हुए भूस्खलन में 11 गाड़ियां दब गईं।
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सुंदरनगर उपमंडल की निहरी तहसील के बरागता गांव में सोमवार रात करीब ढाई बजे एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। भीतर सो रहे परिवार के पांच लोग दब गए। इनमें से तीन की मौके पर मौत हो गई। मृतकों में तांगू देवी, कमला देवी और उसका आठ महीने का बच्चा भीष्म शामिल है। खूब राम और उनकी पत्नी दर्शना देवी को लोगों ने मलबे के नीचे से निकाल लिया। उधर, पंडोह पुलिस चौकी के तहत मंगलवार को शिवाबदार के सुमा नाले में बहने से दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। दोनों सायर पर्व में गए थे और लौटते समय अस्थायी पुल पार करते नाले में गिर गए। इनकी पहचान प्रेम सिंह और मनोहर लाल के रूप में हुई है। भारी बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश भर में 652 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। इसके अलावा 924 ट्रांसफार्मर एवं 243 पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। इससे कई इलाकों में बिजली-पानी का संकट गहरा गया है।

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बिलासपुर में पुराना चंडीगढ़-मनाली एनएच समेत बरठीं-बागछाल-थापना और नंगल-भाखड़ा-श्री नयना देवी जी सड़क बंद है। बारिश से 11 कच्चे मकान आंशिक और तीन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हमीरपुर में भी बारिश से कई घरों को नुकसान पहुंचा है। कागड़ा की देहन पंचायत में रिश्तेदार के घर शोक व्यक्त करने पहुंचीं पांच महिलाएं कच्चा मकान गिरने से घायल हो गईं। थुरल पंचायत के गरडेड़ गांव में मंगलवार सुबह भूस्खलन हुआ। गांव के 14 परिवार चपेट में आ गए। प्रशासन ने गांव को असुरक्षित घोषित कर दिया है और प्रभावित परिवारों के 22 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। कांगड़ा में चार मकानों समेत 13 गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है। मंडी-पठानकोट एनएच बनोई के पास भूस्खलन के चलते कई घंटे बंद रहा। गगल हवाई अड्डे पर सभी उड़ानें सुचारु रूप से पहुंचीं। चंबा में भारी बारिश से दो मकान गिर गए। भरमौर-पठानकोट हाईवे पर दुनेरा और बनीखेत के पास भूस्खलन से आठ घंटे बंद रहा।




 

धर्मपुर में छह लोगों के बहने होने की आशंका
मंडी जिले के धर्मपुर में पांच से छह प्रवासी लोगों के बहने की आशंका जताई जा रही है। ये लोग रात को बस स्टैंड के पास देखे गए थे, लेकिन देर रात को भारी बारिश से हुई तबाही के बाद इनका कोई पता नहीं चल रहा है। पुलिस, लोगों के बारे में पता लगाने में जुटी है।
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मानसून सीजन में 417 लोगों की मौत, 45 लापता
हिमाचल में इस मानसून सीजन में अब तक 4,582 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में 20 जून से 16 सितंबर तक 417 लोगों की जान चली गई है, 477 लोग घायल हुए हैं। 45 लोग अभी भी लापता हैं। 181 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। राज्य में 584 पक्के, 918 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। 2,062 पक्के और 4,441 कच्चे मकानों को नुकसान हुआ है। 594 दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।

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