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हिमाचल प्रदेश: मूसलाधार बारिश के बीच भूस्खलन से 309 सड़कें बंद, चार एनएच बाधित

Wed, 31 Jul 2019 06:44 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : ANI
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प्रदेश में मंगलवार रात से जारी मूसलाधार बारिश से हो रहे भूस्खलन के चलते सूबे में 309 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। शाहपुर डिवीजन के तहत चार नेशनल हाईवे पर भी यातायात बाधित हुआ है। मंगलवार रात से बुधवार सुबह आठ बजे तक नगरोटा सूरियां, सुजानपुर, गुलेर, घुमारवीं, अंब, नादौन और देहरा में 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बुधवार को दिन भर मूसलाधार बारिश होने का दौर जारी रहा। प्रदेश में जारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं।

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कई जगह घरों-बाजारों में पानी घुस गया। कई जगह मलबे में वाहन भी दब गए। बुधवार को सूबे में कई जगह धुंध छाए रहने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। गगल और शिमला से हवाई उड़ाने भी नहीं हुईं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने गुरुवार को भी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। छह अगस्त तक प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना है।

राजधानी शिमला में शोघी-मैहली बाईपास मार्ग पर तारादेवी के नजदीक पहाड़ी से गिरे मलबे के नीचे दबकर एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। सेब से लदे सैकड़ों ट्रक जाम में फंसे रहे। तीन घंटे बाद यह मार्ग पूरी तरह बहाल हो सका। धर्मशाला से रोहड़ू जा रही धर्मशाला डिपो की बस पर रानीताल के पास अचानक पहाड़ी से गिरकर पत्थर टकरा गए। यह हादसा बुधवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे हुआ। इससे बस को भारी नुकसान पहुंचा है।

घटना से बस में सवार यात्री बाल-बाल बच गए। मंडी जिला में मूसलाधार बारिश से जोगिंद्रनगर पधर वाया नौहली सड़क करीब 18 घंटे तक बंद रही। इससे 12 पंचायतों के सैकड़ों लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। जालंधर-सरकाघाट-धर्मपुर वाया मंडी मार्ग भी देर शाम तक पारछू के समीप चट्टानें गिरने से बाधित रहा। छोटा और बड़ा भंगाल क्षेत्र को जोड़ने वाली घटासनी-बरोट मुख्य सड़क भी बाधित रही।

पधर-बल्ह मार्ग भी फागनी के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण रात भर ठप रहा। कोटरोपी चुकू संपर्क मार्ग पहाड़ी से भूस्खलन के कारण दो घंटे तक बंद रहा। जबकि मंडी से करीब सात किमी दूर पठानकोट मार्ग पर मैगल के अलावा मंडी बाईपास में भी पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित रहा। कांगड़ा में लाहट-कोटलु सड़क मार्ग यातायात के लिए बंद रहा।

लंबा गांव के कुंज्जूश्वर महादेव में लोगों की आस्था का सैकड़ों वर्ष पुराना पीपल का पेड़ जड़ से उखड़ गया। चंबा-पठानकोट एनएच गढ़ियारा मोड़ के पास यातायात के लिए बाधित हो गया। जिला में एक दर्जन सड़कें ल्हासे गिरने से बंद रहीं। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर कुमारहट्टी में बन रहे फ्लाईओवर और बारिश की वजह से आवाजाही कर रहे वाहन लगातार जाम में फंसे रहे।

बारिश के चलते सोलन के किसानों की नकदी फसलें प्रभावित हो रही हैं। बीबीएन में सभी खड्डें उफान पर हैं। प्रशासन ने आम लोगों को खड्डों के करीब न जाने की हिदायत दी है। हमीरपुर के झनिकर में एक स्लेट पोश मकान गिर गया। ठियोग की देवरीघाट पंचायत में पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण एक मकान की रसोई पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।

प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान जुलाई महीने में सामान्य से 22 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई। साल 2005 के बाद से जुलाई महीने में मानसून सुस्त चल रहा है। साल 2005 में जुलाई माह के दौरान सामान्य से सात फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई थी।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि बीते कुछ सालों से औसतन अगस्त महीने में अधिक बारिश रिकॉर्ड हो रही है। जून और जुलाई महीने में सामान्य से कम बारिश ही दर्ज हुई है।

प्रदेश में जारी बारिश के चलते बुधवार को अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री की कमी दर्ज हुई। भुंतर में अधिकतम तापमान 28.2, चंबा में 28.0, ऊना में 26.4, नाहन-हमीरपुर में 26.0, बिलासपुर में 25.5, धर्मशाला में 25.4, सुंदरनगर में 25.2, कांगड़ा में 23.6, सोलन में 23.5, कल्पा में 22.5, केलांग में 21.2 और शिमला में 19.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
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बारिश (मिलीमीटर में)
नगरोटा सुरियां             156
सुजानपुर टीहरा            143
गुलेर                         137
घुमारवीं                     124
अंब                           113
नादौन                        112
देहरा गोपीपुर             103
सरकाघाट                    88
मंडी-हमीरपुर                82
धर्मशाला                    64
शिमला                      40
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