प्रदेश नदी संवर्धन एवं कायाकल्प कमेटी ने सोमवार को बैठक कर प्रदेश की सभी सातों नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एक्शन प्लान को मंजूरी दे दी। एक्शन प्लान को सभी विभागों को भेजते हुए उन्हें उसपर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्लान के अनुसार अब यदि कोई भी उद्योग, संस्थान या व्यक्ति प्रदूषण करता मिला तो जितने दिन में प्रदूषण साफ होगा उतने दिन एनजीटी द्वारा विभिन्न तरह के मानकों के आधार पर तैयार किए गए मैकेनिज्म के जरिए जुर्माना लगाया जाएगा।
यह जुर्माना लाखों में भी हो सकता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. आरके प्रूथी ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान की अध्यक्षता में हुई कमेटी की पिछली बैठक में दो नदियों के प्लान को मंजूरी मिली थी।
सोमवार की बैठक में पांच अन्य नदियों के लिए भी एक्शन प्लान मंजूर कर शहरी विकास, पर्यावरण, उद्योग, आईपीएच, हिमुडा व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेज दिया गया है। उसी के अनुसार सभी विभाग इन नदियों के हिस्सों को प्रदूषणमुक्त करने के लिए काम करेंगे।
बताया कि घरेलू या सीवरेज के प्रदूषण को रोकने के लिए शहरी विकास, आईपीएच, हिमुडा काम करेंगे। जबकि उद्योगों पर नकेल कसने के लिए पीसीबी व उद्योग विभाग को काम करना है।
कहा कि प्रदूषण इंडेक्स, उद्योग की क्षेत्र के अनुसार श्रेणी को देखते हुए प्रदूषण जितने दिन फैला रहा उसका आंकलन कर जुर्माना लगाया जाएगा। कहा कि इसके बाद भी उद्योग प्रदूषण फैलाते हैं तो और कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।