हिमाचल के सरकारी स्कूलों में नियुक्त करीब 15 हजार पीटीए, पैट, पैरा, ग्रामीण विद्या उपासक शिक्षकों को नियुक्त करने की नीतियों को चुनौती देने वाली याचिका की मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई। अब जनवरी के आखिरी सप्ताह में मामले की सुनवाई होगी। हिमाचल हाईकोर्ट ने साल 2014 में अस्थायी शिक्षकों के हक में फैसला सुनाया था।
फैसला आने के बाद राज्य सरकार ने 10 साल का सेवाकाल पूरा कर चुके पैरा शिक्षकों को नियमित किया था। सात साल का कार्यकाल पूरा कर चुके पीटीए शिक्षकों को अनुबंध पर लाया था। इसी बीच कुछ लोगों ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। जनवरी 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर यथा स्थिति बरकरार रखने के आदेश दिए। इसके चलते प्रदेश सरकार शिक्षकों को नियमित नहीं कर पा रही है।