राज्य सरकार ने कहा है कि शहर के हजारों लोगों को मूलभूत सुविधा देने में नगर निगम शिमला नाकाम रहा है। शहरवासियों को पानी की सप्लाई, सीवरेज के निपटारे, आशियाना हाउसिंग स्कीम -1 और 2, कूड़ा संयंत्र और ई गवर्नेंस जैसे सुविधा देने में नगर निगम विफल रहा है। यह बात राज्य सरकार ने वीरवार को हाईकोर्ट में दिए एक हलफनामे में कहीं।
सरकार शिमला को स्मार्ट सिटी में शामिल न किए जाने के बाबत अपना पक्ष रखने को कहा गया था। सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत केंद्र सरकार ने वर्ष 2007 से 2012 तक शिमला शहर के लिए करोड़ों रुपये जारी किए। नगर निगम शिमला ने इस पैसा का सही उपयोग नहीं किया।