प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायती चुनाव से जुड़ी याचिकाओं में सरकार की ओर से उठाई गई मुख्य आपत्तियों पर अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने सरकार की आपत्तियों को खारिज करते हुए याचिकाओं को अगली सुनवाई के लिए 23 दिसंबर को लिस्ट करने के आदेश पारित किए।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने कहा कि सभी याचिकाओं पर निर्णय मेरिट के आधार पर किया जाना जरूरी है। सरकार की आपत्ति थी कि याचिकाएं चुनावों को प्रभावित और इनमें देरी करने की मंशा से दायर की गई हैं।
सरकार को 21 जनवरी 2016 तक नगर निकायों और पंचायतों में नई चुनी गई कार्यकारिणी उपलब्ध करवाई जानी है। इसके लिए चुनाव संबंधी आरक्षण और सीमांकन वाली प्रक्रियाएं गठन के 120 दिन पहले पूरी कर ली गई थीं। सरकार ने चुनावों को समयबद्ध ढंग से करवाने के लिए पारदर्शिता दिखाई है।
सरकार ने सभी याचिकाओं को इसी प्राथमिक मुद्दे को आधार बनाकर याचिकाओं को खारिज करने की मांग की थी जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। अब सभी मामलों पर सुनवाई 23 दिसंबर को होगी।