राजधानी के दीनदयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में सामान्य दिनों के मुताबिक 30 से 40 अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में लक्षण को देखते हुए रक्त की जांच करवाई जा रही है ताकि रिपोर्ट के अनुसार आगामी उपचार मरीज का शुरू किया जा सके। टेस्ट में स्क्रब टायफस और स्वाइन फ्लू पॉजिटिव भी मरीजों की रिपोर्ट आ रही है। अब तक आईजीएमसी में 41 स्क्रब टायफस के पॉजिटिव आ चुके हैं जबकि स्वाइन फ्लू के आठ मामले आ चुके हैं। हालांकि, जिला स्वास्थ्य विभाग मामलों के आने के बाद अलर्ट है। साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। वहीं, जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए घरद्वार पर लोगों को शिक्षा, सूचना, संपर्क आईईसी के माध्यम से बचाव की जानकारी दी जा रही है। इस कार्य के लिए आशा वर्कर, हेल्थ केयर वर्कर के साथ स्वयं सहायता समूह की भी सहायता ली जा रही है।
गौर रहे कि इन दिनों सुबह-शाम हवा चलने से ठंड का एहसास हो रहा है। वहीं, दिन में उमसभरी गर्मी हो रही है। मौसम बदलाव ने लगातार अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। डीडीयू की मेडिसिन ओपीडी में रोजाना 30 मरीज वायरल के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। आईजीएमसी में भी यही हालत है। रक्त जांच करवाने के चलते अस्पताल में सरकारी और कृष्णा प्रयोगशाला के बाहर भी लंबी कतारों में मरीजों को घंटोंभर खड़े रहना पड़ता है।
अस्पताल में इन दिनों वायरल के मामले बढ़े हुए हैं। रोजाना ओपीडी में मामले आ रहे हैं। लोगों से आग्रह है कि वायरल होने पर बिना चिकित्सक सलाह के किसी दवाई का सेवन न करें और तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच करवाएं। -डॉ. सोनिया, मेडिसिन विशेषज्ञ, डीडीयू शिमला