स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी जताना कोई गुनाह नहीं है। प्रदेश का मुख्यमंत्री हिमाचल की जनता और पार्टी हाईकमान तय करेगा। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कौल सिंह के इस बयान से सियासत गरमा गई है। जिला
ऊना के गांव बसोली में शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण के दौरान कौल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सवा चार साल में बेहतरीन काम किया है और वह उनकी कैबिनेट के वरिष्ठ वजीर हैं। कौल सिंह ने भोरंज उपचुनाव में जीत का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि भोरंज की जनता इस बार भाजपा के परिवारवाद के खिलाफ वोट देगी।
कटवाल मानहानि मामले में कोर्ट में पेश हुए कौल
स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह अधीनस्थ सेवाएं एवं चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एसएम कटवाल की ओर से दायर मानहानि मुकद्दमे में शनिवार को सीजेएम कोर्ट ऊना में पेश हुए। मामला 2004 का है जब कौल सिंह आईपीएच मिनिस्टर थे और हरोली हलके में एक पब्लिक मीटिंग को संबोधित करते हुए उन्होंने कटवाल के खिलाफ बयानबाजी की थी।
जिसे लेकर कटवाल ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। ठाकुर कौल सिंह की ओर से कोर्ट में पैरवी कर रहे एडवोकेट वीरेंद्र धर्माणी ने बताया कि कटवाल ने कौल सिंह के खिलाफ फौजदारी और दीवानी मामले दायर किए थे। इनमें से फौजदारी का मुकद्दमा खारिज हो चुका है जबकि मानहानि के दीवानी मामले में कौल सिंह ने अपने बयान शनिवार को कलमबद्ध करवा दिए हैं।