फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेत्रहीनों को यहां मिलेगी रोशनी, ट्रांसप्लांट की व्यवस्था भी शुरू

Thu, 15 Sep 2016 10:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगडा
विज्ञापन
विज्ञापन
टांडा मेडिकल कॉलेज में जल्द ही आई बैंक खुलेगा। यानी, अब कोई भी डोनर टांडा में अपनी आंखे दान कर सकेगा जिससे किसी नेत्रहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी आ सकेगी। आई बैंक के साथ पहली बार टांडा में आई ट्रांसप्लांट की व्यवस्था भी शुरू हो जाएगी। आई बैंक में लंबे समय तक दान की गई आंखों को संरक्षित किया जा सकेगा।
विज्ञापन


इससे टांडा में आने वाले नेत्रहीन मरीजों को आपरेशन के बाद दान की गई आंखें ट्रांसप्लांट की जा सकेंगी। आई बैंक की व्यवस्था टांडा में कुछ माह बाद शुरू हो जाएगी। आई बैंक की व्यवस्था शुरू करने की घोषणा स्वास्थ्य मंत्री डा. कौल सिंह ने टांडा मेडिकल कालेज में रोगी कल्याण समिति की बैठक में की।

आई बैंक खुलने से चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, मंडी, बिलासपुर और पठानकोट तक से टांडा में आने वाले नेत्रहीन मरीजों को लाभ होगा। बैठक में कौल सिंह ने कहा कि टांडा अस्पताल में जल्द ही 6 करोड़ 75 लाख रूपये की लागत से ट्रामा सेंटर खोला जाएगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वालों को तुरंत इलाज मिलेगा।
विज्ञापन


ट्रामा सेंटर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात रहेगी। अगर किसी को सड़क दुर्घटना में सिर में चोट लगती है तो विशेषज्ञ डाक्टर उसका तुरंत इलाज करेंगे। कौल सिंह ने कहा कि टांडा अस्पताल में आउटसोर्स के माध्यम से 50 वार्ड  अटेंडेट नौकरी पर रखे जाएंगे।
विज्ञापन

हृदय रोगियों के लिए कैथ लैब

कौल सिंह ठाकुर ने टांडा अस्पताल में कैथ लैब खोलने को भी मंजूरी प्रदान की। उन्होंने कहा कि टांडा के सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में हृदय रोग पीड़ितों की सुविधा के लिए शीघ्र ही कैथ लैब सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी। इस सुविधा के लिए लगभग 5 करोड़ रूपये व्यय किए गए हैं। इसका फायदा हृदय रोगियों को होगा।

जैसे किसी हृदय रोगी को स्टंट डालना है तो उसके लिए स्किल लैब की भी जरूरत होती है जो अब टांडा अस्पताल में खुल जाएगी। कौल सिंह ठाकुर ने टांडा अस्पताल में स्किल लैब खोलने को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके निर्माण एवं अधोसरंचनात्मक विकास व

उपकरणों के लिए 2 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए हैं। इसका फायदा हृदय रोगियों को होगा। जैसे किसी हृदय रोगी को स्टंट डालना है तो उसके लिए स्किल लैब की भी जरूरत होती है जो अब टांडा अस्पताल में खुल जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर क़ौल सिंह ने टांडा अस्पताल में आरकेएस गवर्निंग परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए 35 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर आफ एकसीलेंस मानसिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की। इससे निचले हिमाचल के आधा दर्जन जिलों के मानसिक रोगियों को लाभ होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें