राजधानी में सभी भवन मालिकों को सीवरेज कनेक्शन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। सीवरेज टैंक और सीवरेज लाइनों से होने वाली लीकेज पर भवनों के बिजली तथा पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में पीलिया की रोकथाम के संबंध में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।
कौल सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से पीलिया से निपटने के लिए एकजुट होकर कार्य करने पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभागों के संयुक्त प्रयासों से शिमला शहर में पीलिया के रोगियों की संख्या में कमी आई है। सोलन में पीलिया के रोगियों की संख्या में 10 से 15 दिनों के भीतर गिरावट आनी शुरू होगी।
उन्होंने आईपीएच, नगर निगम तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी के सैंपल जांच के लिए नियमित रूप से लिए जाएं। लोगों की सुविधा के लिए विकासनगर स्थित वाटर एटीएम की क्षमता 2000 लीटर कर दी गई है। टैंकों में सुपर क्लोरीनेशन सुनिश्चित बनाने के भी निर्देश दिए।
कौल सिंह ने बताया कि आईजीएमसी में पानी की जांच के लिए प्रयोगशाला का निर्माण किया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विनीत चौधरी ने संबंधित विभागों द्वारा पीलिया की रोकथाम के लिए उठाए गए विभिन्न पगों की जानकारी दी।
बैठक में नगर निगम शिमला के महापौर संजय चौहान, उपमहापौर टिकेंद्र पंवर, सोलन जिला के उपायुक्त राकेश कंवर, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर इन चीफ, स्वास्थ्य निदेशक डा. एमएस गुरुंग मौजूद रहे।
पेयजल योजनाओं की बढ़ाई क्षमता- सचिव सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य अनुराधा ठाकुर ने बताया कि शिमला शहर को पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिए चेहड से एक एमएलडी अतिरिक्त पानी, गुम्मा से चार से पांच एमएलडी पानी व गिरि से दो से तीन एमएलडी अतिरिक्त पानी की आपूर्ति की जाएगी।
शिमला के ढली, क्रैगनैनों तथा भेखलटी स्थित जल भंडारण टैंकों में गैसियस क्लोरीनेशन प्लांट स्थापित किए जाएंगे। मल्याणा और ढली में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार हैं। इन्हें इस माह के अंत तक ठेकेदार को सौंप दिया जाएगा। समरहिल सीवेज प्लांट मार्च के प्रथम सप्ताह में तैयार हो जाएगा।
साल में दो बार टैंकों की सफाई अनिवार्य- नगर निगम शिमला के आयुक्त पंकज रॉय ने बताया कि शहर के सभी 41 टैंकों की सफाई करके इनमें सुपर क्लोरीनेशन सुनिश्चित बनाई है। पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में सभी निजी जल भंडार टैंकों को साफ करने के निर्देश दिए हैं।